Correct Answer:
Option A - उत्स्रुत या बहते कुएँ (Artesian Wells) : गहरी घाटियों में यह कुएँ प्राय: पाये जाते हैं। अधिक ढाल पर दो अप्रवेश्य तहों के बीच फँसी प्रवेश्य (जलधारी) तह में जलीय दाब के कारण पानी बाहर आने की चेष्टा करता है। ज्यों ही इस जलधारी तह को भेदा जाता है, यह दाबयुक्त जल अपने आप कुएँ से फूट पड़ता है। कई बार यह पानी फब्बारे के रूप में 2.5 मीटर ऊँचाई तक उछल जाता है।
इन कुओं को बहते कुएँ (Flowing wells) या पाताल तोड़ कुएँ भी कहते हैं।
A. उत्स्रुत या बहते कुएँ (Artesian Wells) : गहरी घाटियों में यह कुएँ प्राय: पाये जाते हैं। अधिक ढाल पर दो अप्रवेश्य तहों के बीच फँसी प्रवेश्य (जलधारी) तह में जलीय दाब के कारण पानी बाहर आने की चेष्टा करता है। ज्यों ही इस जलधारी तह को भेदा जाता है, यह दाबयुक्त जल अपने आप कुएँ से फूट पड़ता है। कई बार यह पानी फब्बारे के रूप में 2.5 मीटर ऊँचाई तक उछल जाता है।
इन कुओं को बहते कुएँ (Flowing wells) या पाताल तोड़ कुएँ भी कहते हैं।