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Q: घनानन्द को किस युग का कवि माना जाता है?
  • A. आदिकाल
  • B. भक्तिकाल
  • C. रीतिकाल
  • D. भारतेन्दु काल
Correct Answer: Option C - घनानन्द रीतिकाल की रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं। घनानन्द का जन्म (1689-1739 ई.) बुलंदशहर (उ.प्र.) में हुआ था। ये निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित थे इनकी प्रेयसी गणिका सुजान थी तथा घनानंद मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीले के आश्रय में थे। घनानंद द्वारा रचित ग्रंथ-सुजानसार, इश्कलता, विरहलीला, वियोग बेलि, कोकसार, कृपाकंद, रस केलि वल्ली तथा यमुनायश।
C. घनानन्द रीतिकाल की रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं। घनानन्द का जन्म (1689-1739 ई.) बुलंदशहर (उ.प्र.) में हुआ था। ये निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित थे इनकी प्रेयसी गणिका सुजान थी तथा घनानंद मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीले के आश्रय में थे। घनानंद द्वारा रचित ग्रंथ-सुजानसार, इश्कलता, विरहलीला, वियोग बेलि, कोकसार, कृपाकंद, रस केलि वल्ली तथा यमुनायश।

Explanations:

घनानन्द रीतिकाल की रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं। घनानन्द का जन्म (1689-1739 ई.) बुलंदशहर (उ.प्र.) में हुआ था। ये निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित थे इनकी प्रेयसी गणिका सुजान थी तथा घनानंद मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीले के आश्रय में थे। घनानंद द्वारा रचित ग्रंथ-सुजानसार, इश्कलता, विरहलीला, वियोग बेलि, कोकसार, कृपाकंद, रस केलि वल्ली तथा यमुनायश।