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Q: Generally, the degree of internal indeterminacy of beams is आमतौर पर, धरन की आन्तरिक अनिर्धार्य की डिग्री होती है
  • A.
  • B. 1
  • C. 2
  • D. 3
Correct Answer: Option A - आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता (Internal Static Indeterminacy)- अवयव में आंतरिक बलोें की गणना के लिए, साम्यावस्था समीकरणों को छोड़कर जितने अतिरिक्त समीकरण की आवश्यकता होती है उसे आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता कहते हैं । (i) Pin joint plane Frame, Dsi = m –(2j-3) (ii) Pin joint space frame, Dsi = m- (3j-6) ■ धरन की आन्तरिक अनिर्धार्यता की डिग्री शून्य होती है।
A. आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता (Internal Static Indeterminacy)- अवयव में आंतरिक बलोें की गणना के लिए, साम्यावस्था समीकरणों को छोड़कर जितने अतिरिक्त समीकरण की आवश्यकता होती है उसे आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता कहते हैं । (i) Pin joint plane Frame, Dsi = m –(2j-3) (ii) Pin joint space frame, Dsi = m- (3j-6) ■ धरन की आन्तरिक अनिर्धार्यता की डिग्री शून्य होती है।

Explanations:

आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता (Internal Static Indeterminacy)- अवयव में आंतरिक बलोें की गणना के लिए, साम्यावस्था समीकरणों को छोड़कर जितने अतिरिक्त समीकरण की आवश्यकता होती है उसे आंतरिक स्थैतिक अनिर्धार्यता कहते हैं । (i) Pin joint plane Frame, Dsi = m –(2j-3) (ii) Pin joint space frame, Dsi = m- (3j-6) ■ धरन की आन्तरिक अनिर्धार्यता की डिग्री शून्य होती है।