Correct Answer:
Option B - उत्तरांचल के सांस्कृतिक इतिहास में गढ़वाल –चित्रशैली का एक विशिष्ट स्थान है। गढ़वाल की चित्रकला एक ओर पशु, पक्षियों, फल–पुष्पों व र्धािमक विषयों का चित्रण समावेशित किए हुए है, वहीं दूसरी ओर इसमें नारी–सौन्दर्य व व्यक्ति चित्र का अद्भुत चित्रण देखने को मिलता है। मोलाराम का नारी–सौन्दर्य का चित्राकंन उल्लेखनीय है। मोलाराम एक कवि, इतिहासकार व कूटनीतिज्ञ भी थे जो चित्रकला के कांगडा स्कूल से संबंधित थे।
B. उत्तरांचल के सांस्कृतिक इतिहास में गढ़वाल –चित्रशैली का एक विशिष्ट स्थान है। गढ़वाल की चित्रकला एक ओर पशु, पक्षियों, फल–पुष्पों व र्धािमक विषयों का चित्रण समावेशित किए हुए है, वहीं दूसरी ओर इसमें नारी–सौन्दर्य व व्यक्ति चित्र का अद्भुत चित्रण देखने को मिलता है। मोलाराम का नारी–सौन्दर्य का चित्राकंन उल्लेखनीय है। मोलाराम एक कवि, इतिहासकार व कूटनीतिज्ञ भी थे जो चित्रकला के कांगडा स्कूल से संबंधित थे।