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Q: गीता में मूल प्रकृति के प्रकार है-
  • A. आठ
  • B. दो
  • C. पाँच
  • D. दश
Correct Answer: Option A - गीता में मूल प्रवृत्ति के दो मुख्य प्रकार र्विणत हैं – 1. मूलप्रकृति, 2. प्रकृतिविकृति। यह प्रकृतिविकृति सात प्रकार की होती है। इस प्रकार प्रकृति कुल आठ प्रकार की कही जा सकती है।
A. गीता में मूल प्रवृत्ति के दो मुख्य प्रकार र्विणत हैं – 1. मूलप्रकृति, 2. प्रकृतिविकृति। यह प्रकृतिविकृति सात प्रकार की होती है। इस प्रकार प्रकृति कुल आठ प्रकार की कही जा सकती है।

Explanations:

गीता में मूल प्रवृत्ति के दो मुख्य प्रकार र्विणत हैं – 1. मूलप्रकृति, 2. प्रकृतिविकृति। यह प्रकृतिविकृति सात प्रकार की होती है। इस प्रकार प्रकृति कुल आठ प्रकार की कही जा सकती है।