Correct Answer:
Option D - ऋग्वैदिक कालीन ‘‘पणि’’लोग पशुओं का व्यापार करते थे। ऋग्वेद में एक स्थान पर देवताओं तथा पणियों के बीच संघर्ष तथा देवताओं द्वारा उनके संहार का वर्णन मिलता है। पणिलोग ऋण देते थे तथा ब्याज बहुत अधिक लेते थे इसलिए उन्हें वेकनाट (सूदखोर) कहा गया है।
D. ऋग्वैदिक कालीन ‘‘पणि’’लोग पशुओं का व्यापार करते थे। ऋग्वेद में एक स्थान पर देवताओं तथा पणियों के बीच संघर्ष तथा देवताओं द्वारा उनके संहार का वर्णन मिलता है। पणिलोग ऋण देते थे तथा ब्याज बहुत अधिक लेते थे इसलिए उन्हें वेकनाट (सूदखोर) कहा गया है।