Correct Answer:
Option D - गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा अष्टछाप की स्थापना का वर्ष 1565 ई. है।
अष्टछाप महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य एवं उनके पुत्र श्री विट्ठलनाथ जी द्वारा संस्थापित आठ भक्तिकालीन कवियों का समूह था, जिन्होंने अपने विभिन्न पद एवं कीर्तनों के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। अष्टछाप के प्रमुख कवि- सूरदास, कुंभनदास, परमानंद दास व कृष्णदास वल्लभाचार्य के शिष्य थे तथा शेष 4 कवि - छीतस्वामी, गोविंदस्वामी, चतुर्भुजदास व नंददास - विट्ठलनाथ के शिष्य थे।
D. गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा अष्टछाप की स्थापना का वर्ष 1565 ई. है।
अष्टछाप महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य एवं उनके पुत्र श्री विट्ठलनाथ जी द्वारा संस्थापित आठ भक्तिकालीन कवियों का समूह था, जिन्होंने अपने विभिन्न पद एवं कीर्तनों के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। अष्टछाप के प्रमुख कवि- सूरदास, कुंभनदास, परमानंद दास व कृष्णदास वल्लभाचार्य के शिष्य थे तथा शेष 4 कवि - छीतस्वामी, गोविंदस्वामी, चतुर्भुजदास व नंददास - विट्ठलनाथ के शिष्य थे।