search
Q: ग्रामवासिन: हरितानि शाकानि केभ्य: प्राप्नुवन्ति?
  • A. राजक्षेत्रेभ्य:
  • B. परक्षेत्रेभ्य:
  • C. नगरेभ्य:
  • D. स्वक्षेत्रेभ्य:
Correct Answer: Option D - ग्रामवासिन: हरितानि शाकानि स्वक्षेत्रेभ्य: प्राप्नुवन्ति। अर्थात् ग्रामवासी हरी पत्तियों को अपने क्षेत्रों से प्राप्त करते हैं। ग्रामवासी परिश्रमशील होते हैं और वे परिश्रम से अपने खेतों में काम करते हैं।
D. ग्रामवासिन: हरितानि शाकानि स्वक्षेत्रेभ्य: प्राप्नुवन्ति। अर्थात् ग्रामवासी हरी पत्तियों को अपने क्षेत्रों से प्राप्त करते हैं। ग्रामवासी परिश्रमशील होते हैं और वे परिश्रम से अपने खेतों में काम करते हैं।

Explanations:

ग्रामवासिन: हरितानि शाकानि स्वक्षेत्रेभ्य: प्राप्नुवन्ति। अर्थात् ग्रामवासी हरी पत्तियों को अपने क्षेत्रों से प्राप्त करते हैं। ग्रामवासी परिश्रमशील होते हैं और वे परिश्रम से अपने खेतों में काम करते हैं।