Explanations:
1. ग्राम पंचायतों का समान सामाजिक, आर्थिक एवं वैयक्तिक विकास 2. समुदाय को निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाना 3. विकास कार्यों में पारर्दिशता एवं उत्तरदायित्व में बढ़ोत्तरी 4. सहयोगी नियोजन एवं संसाधनों के अभिसरण को बढ़ावा 5. वंचित वर्गों की आवश्यकता के साथ सामाजिक सुरक्षा को प्रमुखता से सम्मिलित करते हुये अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति के कल्याण को प्राथमिकता 6. नियोजन की प्रक्रिया को माँग आधारित बनाना।