Correct Answer:
Option B - 1863 ई. पूर्व मद्रास के समीप `पूर्व प्रस्तर युग' के एक कलापूर्ण शिलाखण्ड का पता लगा था। इसी प्रकार 1880 ई. मिर्जापुर में पंख-पोशाक युक्त अनेक चित्र खुदी चट्टानों पर मिले हैं, जो प्रागैतिहासिक महत्व के हैं।
गुप्तयुगीन वास्तुकला के सर्वोत्तम उदाहरण मन्दिर है। वस्तुत: मन्दिर के अवशेष हमें इसी काल से मिलने लगते हैं। गुप्तयुगीन मंदिरों का निर्माण सामान्यत: एक ऊँचे चबूतरे पर हुआ था जिन पर चढ़ने के लिए चारों ओर सीढ़ियाँ बनाई गई थी।
B. 1863 ई. पूर्व मद्रास के समीप `पूर्व प्रस्तर युग' के एक कलापूर्ण शिलाखण्ड का पता लगा था। इसी प्रकार 1880 ई. मिर्जापुर में पंख-पोशाक युक्त अनेक चित्र खुदी चट्टानों पर मिले हैं, जो प्रागैतिहासिक महत्व के हैं।
गुप्तयुगीन वास्तुकला के सर्वोत्तम उदाहरण मन्दिर है। वस्तुत: मन्दिर के अवशेष हमें इसी काल से मिलने लगते हैं। गुप्तयुगीन मंदिरों का निर्माण सामान्यत: एक ऊँचे चबूतरे पर हुआ था जिन पर चढ़ने के लिए चारों ओर सीढ़ियाँ बनाई गई थी।