Explanations:
ऑस्टेम्परिंग प्रोसेस में स्टील को लगभग 700⁰C पर गर्म किया जाता है। इसी तापक्रम पर स्टील को कुछ समय के लिए भट्ठी में छोड़ दिया जाता है। इसके पश्चात धातु खण्ड को साल्ट बाथ भट्ठी में लगभग 500⁰C तक ठंडा किया जाता है और फिर काफी समय के लिए छोड़ दिया जाता है। इससे बैनाइट की उत्पत्ति होती है। अन्त में स्टील के खण्ड को पानी में कमरे के तापमान तक शीतलन करते हैं। आसटेम्परिंग क्रिया से कठोर स्टील की कठोरता में कोई कमी नहीं आती है, परंतु दरारें समाप्त हो जाती है। स्टील अधिक तन्य एवं चीमड़पन युक्त हो जाती है।