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Q: गणित के शिक्षण-अधिगम के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
  • A. नमूनों के अवलोकन और सामान्यीकरण से प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों में गणितीय ज्ञान का सर्जन किया जा सकता है।
  • B. गणितीय ज्ञान के सर्जन में तर्क और वार्ता की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • C. गणितीय अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया है जिसमें संवाद सम्मिलित है।
  • D. गणितीय ज्ञान की रचना में संस्कृति और संदर्भों की कोई भूमिका नहीं है।
Correct Answer: Option D - गणितीय ज्ञान की रचना में संस्कृति और संदर्भों की कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अनुसार, ‘‘गणित को इस रुप में देखना चाहिए कि वह एक वाहन है जिसके माध्यम द्वारा बच्चे को सोचना, समझना, तर्कशील विश्लेषण करना स्पष्ट किया जाता है। ये अपने आप में विशिष्ट विषय है तथा किसी भी अन्य विषय का सहगामी हो सकता है, जो कि विश्लेषण तथा तर्क विद्या पर बल देता है।’’
D. गणितीय ज्ञान की रचना में संस्कृति और संदर्भों की कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अनुसार, ‘‘गणित को इस रुप में देखना चाहिए कि वह एक वाहन है जिसके माध्यम द्वारा बच्चे को सोचना, समझना, तर्कशील विश्लेषण करना स्पष्ट किया जाता है। ये अपने आप में विशिष्ट विषय है तथा किसी भी अन्य विषय का सहगामी हो सकता है, जो कि विश्लेषण तथा तर्क विद्या पर बल देता है।’’

Explanations:

गणितीय ज्ञान की रचना में संस्कृति और संदर्भों की कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अनुसार, ‘‘गणित को इस रुप में देखना चाहिए कि वह एक वाहन है जिसके माध्यम द्वारा बच्चे को सोचना, समझना, तर्कशील विश्लेषण करना स्पष्ट किया जाता है। ये अपने आप में विशिष्ट विषय है तथा किसी भी अन्य विषय का सहगामी हो सकता है, जो कि विश्लेषण तथा तर्क विद्या पर बल देता है।’’