Correct Answer:
Option C - प्रस्तुत उक्ति ``गण्डकस्योपरि पिण्डक: संवृत्त:'' मुहावरे के रूप में है। इसका उल्लेख महाकवि कालिदास कृत `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' में हुआ है जिसका अर्थ है – गण्ड अर्थात् फोड़े के पिण्ड पर फोड़ा, अर्थात् घाव पर घाव देना।
C. प्रस्तुत उक्ति ``गण्डकस्योपरि पिण्डक: संवृत्त:'' मुहावरे के रूप में है। इसका उल्लेख महाकवि कालिदास कृत `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' में हुआ है जिसका अर्थ है – गण्ड अर्थात् फोड़े के पिण्ड पर फोड़ा, अर्थात् घाव पर घाव देना।