Correct Answer:
Option A - गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्ं न च वय:। यह सूक्ति उत्तररामचरितम् की है। सूक्ति का अर्थ है - गुणवानों में गुण ही पूजा के स्थान होते हैं, न कोई चिह्न-विशेष और न आयु।
A. गुणा: पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्ं न च वय:। यह सूक्ति उत्तररामचरितम् की है। सूक्ति का अर्थ है - गुणवानों में गुण ही पूजा के स्थान होते हैं, न कोई चिह्न-विशेष और न आयु।