Correct Answer:
Option A - बालक की रूचियों, प्रवृत्तियों तथा क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करना ही बाल केन्द्रित शिक्षा कहलाता है। इसके निम्नलिखित प्रमुख सिद्धान्त है–
∎ बालकों को क्रियाशील रखकर शिक्षा प्रदान करना
∎ बालक की शिक्षा उद्देश्यपरक हो
∎ बालक की योग्यता व रूचि के अनुसार विषय-वस्तु का चयन
∎ रचनात्मक कार्य जैसे हस्तकला आदि के द्वारा शिक्षण
∎ पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर शिक्षण
A. बालक की रूचियों, प्रवृत्तियों तथा क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करना ही बाल केन्द्रित शिक्षा कहलाता है। इसके निम्नलिखित प्रमुख सिद्धान्त है–
∎ बालकों को क्रियाशील रखकर शिक्षा प्रदान करना
∎ बालक की शिक्षा उद्देश्यपरक हो
∎ बालक की योग्यता व रूचि के अनुसार विषय-वस्तु का चयन
∎ रचनात्मक कार्य जैसे हस्तकला आदि के द्वारा शिक्षण
∎ पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर शिक्षण