Correct Answer:
Option C - मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समावेशी शिक्षा की आवश्यकता हर देश में आवश्यक है क्योंकि बालक समावेशी शिक्षा की सहायता से सामान्य रूप से शिक्षा ग्रहण करता है तथा अपने तथा अपने आप को सामान्य बालक के समान बनाने का प्रयास करता है। समूह में सुरक्षित भावना का विकास तथा विविधता में व्यक्तिगत क्षमता में विश्वास और बच्चों में शिक्षण तथा सामाजिक स्पर्धा जैसे भावनाओं के विकास आदि के लिए समावेशी शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है।
C. मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समावेशी शिक्षा की आवश्यकता हर देश में आवश्यक है क्योंकि बालक समावेशी शिक्षा की सहायता से सामान्य रूप से शिक्षा ग्रहण करता है तथा अपने तथा अपने आप को सामान्य बालक के समान बनाने का प्रयास करता है। समूह में सुरक्षित भावना का विकास तथा विविधता में व्यक्तिगत क्षमता में विश्वास और बच्चों में शिक्षण तथा सामाजिक स्पर्धा जैसे भावनाओं के विकास आदि के लिए समावेशी शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है।