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Q: From the following methods, which is not used to work out safe bearing capacity of an existing bridge? / निम्नलिखित तरीको में से मौजूदा पुल की सुरक्षित धारण क्षमता का पता लगाने के लिए किसका उपयोग नहीं किया जाता है?
  • A. Correlation method//सहसंबन्ध विधि
  • B. Load testing method/लोड परीक्षण विधि
  • C. Impact method/समाघात विधि
  • D. Theoretical method/सैद्धान्तिक विधि
Correct Answer: Option C - मौजूदा पुल की सुरक्षित धारण क्षमता के लिए उपयोग की जाने वाली विधियॉ। (1) लोड परीक्षण विधि- लोड परीक्षण विधि का उपयोग मुख्य रूप से पुल की लचीली क्षमता का आकलन करने के लिए किया जाता है। लोड परीक्षण का उपयोग यह जाँचने के लिए किया जाता है। कि अधिकतम विक्षेपण और प्रतिशत रिकवरी अनुमेय सीमा के भीतर है या नहीं। (2) सहसंबध विधि- इस विधि का उपयोग पुल की सुरक्षित धारण क्षमता का डिजाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है।
C. मौजूदा पुल की सुरक्षित धारण क्षमता के लिए उपयोग की जाने वाली विधियॉ। (1) लोड परीक्षण विधि- लोड परीक्षण विधि का उपयोग मुख्य रूप से पुल की लचीली क्षमता का आकलन करने के लिए किया जाता है। लोड परीक्षण का उपयोग यह जाँचने के लिए किया जाता है। कि अधिकतम विक्षेपण और प्रतिशत रिकवरी अनुमेय सीमा के भीतर है या नहीं। (2) सहसंबध विधि- इस विधि का उपयोग पुल की सुरक्षित धारण क्षमता का डिजाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

Explanations:

मौजूदा पुल की सुरक्षित धारण क्षमता के लिए उपयोग की जाने वाली विधियॉ। (1) लोड परीक्षण विधि- लोड परीक्षण विधि का उपयोग मुख्य रूप से पुल की लचीली क्षमता का आकलन करने के लिए किया जाता है। लोड परीक्षण का उपयोग यह जाँचने के लिए किया जाता है। कि अधिकतम विक्षेपण और प्रतिशत रिकवरी अनुमेय सीमा के भीतर है या नहीं। (2) सहसंबध विधि- इस विधि का उपयोग पुल की सुरक्षित धारण क्षमता का डिजाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है।