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Q: क्लासिकीय प्रणाली के लक्षण है– 1. मौद्रिक कारक उत्पाद एवं रोजगार को निर्धारित करते हैं। 2. अर्थव्यवस्था की स्वसमायोजन प्रणाली 3. प्रत्यक्ष विकास पर राज्य कार्रवाई 4. राज्य के नियंत्रण की अनुपस्थित में बाजार के माध्यम से परिस्थिति का इष्टतम उपयोग दिए गए उक्त में से कौन–सा सही है?
  • A. 1 और 2
  • B. 1,2 और 3
  • C. 2 और 4
  • D. 1,2 और 4
Correct Answer: Option C - (i) क्लासिकल सिद्धांत के अनुसार अर्थव्यवस्था में दीर्घकाल में सदैव पूर्ण रोजगार की स्थिति विद्यमान रहती है। (ii) इस सिद्धांत के अनुसार अनैच्छिक बेरोजगारी की अनुपस्थिति ही पूर्ण रोजगार का द्योतक है। (iii) क्लासिकल सिद्धांत ‘से’ का बाजार नियम, क्लासिकल ब्याज सिद्धांत, श्रम मांग एवं श्रम पूर्ति का विश्लेषण करता है। (iv) क्लासिकल सिद्धांत में मुद्रा मजदूरी तथा वास्तविक मजदूरी में परिवर्तन प्रत्यक्षत: समानुपाती होते हैं। (v) क्लासिकल सिद्धांत में बचत तथा विनियोग को ब्याज सापेक्ष माना गया है।
C. (i) क्लासिकल सिद्धांत के अनुसार अर्थव्यवस्था में दीर्घकाल में सदैव पूर्ण रोजगार की स्थिति विद्यमान रहती है। (ii) इस सिद्धांत के अनुसार अनैच्छिक बेरोजगारी की अनुपस्थिति ही पूर्ण रोजगार का द्योतक है। (iii) क्लासिकल सिद्धांत ‘से’ का बाजार नियम, क्लासिकल ब्याज सिद्धांत, श्रम मांग एवं श्रम पूर्ति का विश्लेषण करता है। (iv) क्लासिकल सिद्धांत में मुद्रा मजदूरी तथा वास्तविक मजदूरी में परिवर्तन प्रत्यक्षत: समानुपाती होते हैं। (v) क्लासिकल सिद्धांत में बचत तथा विनियोग को ब्याज सापेक्ष माना गया है।

Explanations:

(i) क्लासिकल सिद्धांत के अनुसार अर्थव्यवस्था में दीर्घकाल में सदैव पूर्ण रोजगार की स्थिति विद्यमान रहती है। (ii) इस सिद्धांत के अनुसार अनैच्छिक बेरोजगारी की अनुपस्थिति ही पूर्ण रोजगार का द्योतक है। (iii) क्लासिकल सिद्धांत ‘से’ का बाजार नियम, क्लासिकल ब्याज सिद्धांत, श्रम मांग एवं श्रम पूर्ति का विश्लेषण करता है। (iv) क्लासिकल सिद्धांत में मुद्रा मजदूरी तथा वास्तविक मजदूरी में परिवर्तन प्रत्यक्षत: समानुपाती होते हैं। (v) क्लासिकल सिद्धांत में बचत तथा विनियोग को ब्याज सापेक्ष माना गया है।