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Q: For good bonding in bricks uniform in size सभी ईंटे एकसमान साइज की हों यह जरूरी नहीं।
  • A. all bricks need not be uniform in size सभी ईंटे एक समान साइज की हों यह जरूरी नहीं।
  • B. bats must be used in alternate course only केवल एकांतर स्तर पर अद्धा का उपयोग करना चाहिए।
  • C. the vertical joints in alternate course should fall in plumb/ एकांतर स्तर के ऊर्ध्वाधर जोड़ साहुल पर होने चाहिए।
  • D. cement mortar used must have surkhi as additive/उपयोग में लिए गए सीमेंट मसाले में सुरखी होनी चाहिए।
Correct Answer: Option C - ईंट चिनाई के सामान्य सिद्धान्त- (i) ईट प्रथम श्रेणी की तथा अन्य पदार्थ भी अच्छे किस्म के होने चाहिए। (ii) ईटों को चिनाई में प्रयोग करने से पहले कम से कम 1 घण्टा स्वच्छ पानी में भिगो लेना चाहिए। (iii) चिनाई के सब रद्दे बिल्कुल क्षैतिज होने चाहिए। क्षैतिजता के लिये चिनाई में रेखा एवं पिन का प्रयोग किया जाता है। (iv) चिनाई में जब तक आवश्यक न हो टुकड़ों (Bats) का प्रयोग नहीं करना चाहिए। (v) चिनाई अच्छे किस्म के उचित मसाले में की जानी चाहिए। मसाले के जोड़ की मोटाई 10 मिमी से अधिक नहीं होनी चाहिए। (vi) दीवार ठीक ऊर्ध्वाधर रेखा में होनी चाहिए। दीवार की ऊध्र्वाधरता थोड़े-थोडे समय बाद साहुल से देखते रहना चाहिये।
C. ईंट चिनाई के सामान्य सिद्धान्त- (i) ईट प्रथम श्रेणी की तथा अन्य पदार्थ भी अच्छे किस्म के होने चाहिए। (ii) ईटों को चिनाई में प्रयोग करने से पहले कम से कम 1 घण्टा स्वच्छ पानी में भिगो लेना चाहिए। (iii) चिनाई के सब रद्दे बिल्कुल क्षैतिज होने चाहिए। क्षैतिजता के लिये चिनाई में रेखा एवं पिन का प्रयोग किया जाता है। (iv) चिनाई में जब तक आवश्यक न हो टुकड़ों (Bats) का प्रयोग नहीं करना चाहिए। (v) चिनाई अच्छे किस्म के उचित मसाले में की जानी चाहिए। मसाले के जोड़ की मोटाई 10 मिमी से अधिक नहीं होनी चाहिए। (vi) दीवार ठीक ऊर्ध्वाधर रेखा में होनी चाहिए। दीवार की ऊध्र्वाधरता थोड़े-थोडे समय बाद साहुल से देखते रहना चाहिये।

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ईंट चिनाई के सामान्य सिद्धान्त- (i) ईट प्रथम श्रेणी की तथा अन्य पदार्थ भी अच्छे किस्म के होने चाहिए। (ii) ईटों को चिनाई में प्रयोग करने से पहले कम से कम 1 घण्टा स्वच्छ पानी में भिगो लेना चाहिए। (iii) चिनाई के सब रद्दे बिल्कुल क्षैतिज होने चाहिए। क्षैतिजता के लिये चिनाई में रेखा एवं पिन का प्रयोग किया जाता है। (iv) चिनाई में जब तक आवश्यक न हो टुकड़ों (Bats) का प्रयोग नहीं करना चाहिए। (v) चिनाई अच्छे किस्म के उचित मसाले में की जानी चाहिए। मसाले के जोड़ की मोटाई 10 मिमी से अधिक नहीं होनी चाहिए। (vi) दीवार ठीक ऊर्ध्वाधर रेखा में होनी चाहिए। दीवार की ऊध्र्वाधरता थोड़े-थोडे समय बाद साहुल से देखते रहना चाहिये।