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Q: वाइडबैंड स्पेक्ट्रम-सेंसर एएसआईसी-चिप विकसित करने के लिए सी-डॉट ने किन संस्थानों के साथ समझौता किया है?
  • A. आईआईटी दिल्ली और आईआईटी कानपुर
  • B. आईआईटी जम्मू और आईआईटी मंडी
  • C. आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास
  • D. आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी हैदराबाद
Correct Answer: Option B - दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख इकाई सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जम्मू (IIT जम्मू) के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT मंडी) के साथ स्पेक्ट्रम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वाइडबैंड स्पेक्ट्रम-सेंसर एएसआईसी-चिप विकसित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य अत्याधुनिक अगली पीढ़ी की दूरसंचार स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करना है.
B. दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख इकाई सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जम्मू (IIT जम्मू) के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT मंडी) के साथ स्पेक्ट्रम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वाइडबैंड स्पेक्ट्रम-सेंसर एएसआईसी-चिप विकसित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य अत्याधुनिक अगली पीढ़ी की दूरसंचार स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करना है.

Explanations:

दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख इकाई सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जम्मू (IIT जम्मू) के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT मंडी) के साथ स्पेक्ट्रम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वाइडबैंड स्पेक्ट्रम-सेंसर एएसआईसी-चिप विकसित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य अत्याधुनिक अगली पीढ़ी की दूरसंचार स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करना है.