Explanations:
वर्ष 1918 के भीषण दुर्भिक्ष के कारण गुजरात के खेड़ा जिले में पूरी फसल बरबाद हो गयी। सरकार ने फिर भी किसानों से मालगुजारी वसूल करने की प्रक्रिया जारी रखी। खेड़ा जिले के युवा अधिवक्ता वल्लभभाई पटेल, इंदुलाल याग्निक तथा कई अन्य युवाओं ने गाँधीजी के साथ खेड़ा के गाँवों का दौरा प्रारम्भ किया। इन्होंने किसानों को लगान न अदा करने की शपथ दिलायी। यह आंदोलन सफल रहा।