Correct Answer:
Option D - प्राथामिक चिकित्सा के उपचार के सन्दर्भ में ‘‘डूबते ’’ हुए व्यक्ति को या बच्चे को पेट के बल लिटाना चाहिए और फेफड़ों से पानी बाहर निकालने के लिए उसके पीठ पर दबाना चाहिए। जिससे छात्र के अन्दर जितना भी पानी भर गया था, वो सब बाहर आ जाये और बच्चा सामान्य स्थिति में आ जाये।
D. प्राथामिक चिकित्सा के उपचार के सन्दर्भ में ‘‘डूबते ’’ हुए व्यक्ति को या बच्चे को पेट के बल लिटाना चाहिए और फेफड़ों से पानी बाहर निकालने के लिए उसके पीठ पर दबाना चाहिए। जिससे छात्र के अन्दर जितना भी पानी भर गया था, वो सब बाहर आ जाये और बच्चा सामान्य स्थिति में आ जाये।