Correct Answer:
Option A - उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी चावल के उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है। जलोढ़ मृदा को कछारी मृदा के नाम से भी जाना जाता है। ये मिट्टियाँ हल्की भूरी तथा राख जैसी एवं भुरभुरी होती हैं। जलोढ़ मिट्टी उत्तरी भारत के पश्चिम में पंजाब से लेकर संपूर्ण उत्तरी विशाल मैदान को आवृत्त करते हुए गंगा नदी के डेल्टाई क्षेत्रों तक विस्तृत है। जिस पर मुख्यत: गेहूँ, तिलहन, गन्ना, चावल, जूट एवं सब्जियों इत्यादि की खेती की जाती है।
A. उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी चावल के उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है। जलोढ़ मृदा को कछारी मृदा के नाम से भी जाना जाता है। ये मिट्टियाँ हल्की भूरी तथा राख जैसी एवं भुरभुरी होती हैं। जलोढ़ मिट्टी उत्तरी भारत के पश्चिम में पंजाब से लेकर संपूर्ण उत्तरी विशाल मैदान को आवृत्त करते हुए गंगा नदी के डेल्टाई क्षेत्रों तक विस्तृत है। जिस पर मुख्यत: गेहूँ, तिलहन, गन्ना, चावल, जूट एवं सब्जियों इत्यादि की खेती की जाती है।