Correct Answer:
Option D - फुतुहात-ए-फिरोजशाही’ में फिरोजशाह तुगलक (1351-1388 ई.) की प्रशासनिक उपलब्धियों का विवरण दिया गया है। इसका लेखन स्वयं फिरोजशाह तुगलक ने किया था। उसने अपने शासनकाल में चाँदी एवं ताँबे के मिश्रण से निर्मित सिक्के चलाये, जिन्हें अद्धा एवं बिख कहा गया। फिरोज ने अपने शासनकाल में 24 कष्टदायक करों को समाप्त कर दिया और इस्लामी कानून द्वारा स्वीकृत केवल 4 प्रकार के कर ‘खराज’ (लगान), ‘खुम्स’ (युद्ध में लूट का माल), ‘जजिया’ एवं ‘जकात’ को वसूल करने का आदेश दिया। फिरोज शाह तुगलक ने नगर एवं सार्वजनिक निर्माण कार्यों के अन्तर्गत लगभग 300 नये नगरों की स्थापना की, इनमें से हिसार (हरियाणा), फिरोजाबाद (दिल्ली), फतेहाबाद (हरियाणा) जौनपुर (उ.प्र.), आदि प्रमुख थे। इसकी मृत्यु सितम्बर 1388 ई. में हुई थी। हौ़ज खास परिसर, दिल्ली में उसे दफना दिया गया।
D. फुतुहात-ए-फिरोजशाही’ में फिरोजशाह तुगलक (1351-1388 ई.) की प्रशासनिक उपलब्धियों का विवरण दिया गया है। इसका लेखन स्वयं फिरोजशाह तुगलक ने किया था। उसने अपने शासनकाल में चाँदी एवं ताँबे के मिश्रण से निर्मित सिक्के चलाये, जिन्हें अद्धा एवं बिख कहा गया। फिरोज ने अपने शासनकाल में 24 कष्टदायक करों को समाप्त कर दिया और इस्लामी कानून द्वारा स्वीकृत केवल 4 प्रकार के कर ‘खराज’ (लगान), ‘खुम्स’ (युद्ध में लूट का माल), ‘जजिया’ एवं ‘जकात’ को वसूल करने का आदेश दिया। फिरोज शाह तुगलक ने नगर एवं सार्वजनिक निर्माण कार्यों के अन्तर्गत लगभग 300 नये नगरों की स्थापना की, इनमें से हिसार (हरियाणा), फिरोजाबाद (दिल्ली), फतेहाबाद (हरियाणा) जौनपुर (उ.प्र.), आदि प्रमुख थे। इसकी मृत्यु सितम्बर 1388 ई. में हुई थी। हौ़ज खास परिसर, दिल्ली में उसे दफना दिया गया।