Correct Answer:
Option C - उत्तराखण्ड के चमोली जिला मुख्यालय से उत्तर में हेमकुंड साहिब तथा बद्रीनाथ के मध्य स्थित भ्यूंडार गांव की सीमा पर `फूलों की घाटी’ प्रकृति की एक अनुपम धरोहर है। इस `फूलों की घाटी’ को स्कन्द पुराण के केदारखंड में नंदन कानन' कहा गया है। जबकि महाकवि कालिदास ने मेघदूत में इस घाटी को `अलकापुरी' नाम से संबोधित किया है। इसके अन्य नाम हैं─गंधमादन, बैकुंठ, भ्यूंडार, पुष्पावली, देवदार एवं पुष्परस।
C. उत्तराखण्ड के चमोली जिला मुख्यालय से उत्तर में हेमकुंड साहिब तथा बद्रीनाथ के मध्य स्थित भ्यूंडार गांव की सीमा पर `फूलों की घाटी’ प्रकृति की एक अनुपम धरोहर है। इस `फूलों की घाटी’ को स्कन्द पुराण के केदारखंड में नंदन कानन' कहा गया है। जबकि महाकवि कालिदास ने मेघदूत में इस घाटी को `अलकापुरी' नाम से संबोधित किया है। इसके अन्य नाम हैं─गंधमादन, बैकुंठ, भ्यूंडार, पुष्पावली, देवदार एवं पुष्परस।