Correct Answer:
Option D - भारत के बैंको को उनके जोखिमपूर्ण संपत्तियों और पूंजी के बीच एक निश्चित अनुपात अनुरक्षित करना है, जिसे पूँजी– से–जोखिम–भारीय पर्याप्तता अनुपात (CRAR) कहते हैं।
D. भारत के बैंको को उनके जोखिमपूर्ण संपत्तियों और पूंजी के बीच एक निश्चित अनुपात अनुरक्षित करना है, जिसे पूँजी– से–जोखिम–भारीय पर्याप्तता अनुपात (CRAR) कहते हैं।