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Q: एक सन्तुलित व्यक्तित्व वह है जिसमें
  • A. इदम् एवं परम अहम् के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है।
  • B. इदम् एवं अहम् के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है
  • C. अहम् एवं परम् अहम् के बीच सन्तुलन स्थापित किया जाता है।
  • D. मजबूत अहम् को बनाया जाता है।
Correct Answer: Option A - फ्रायड ने व्यक्तित्व की संरचना में Fob (Id) अहं (Ego) तथा परा-अहं (Super Ego) नामक तीन घटकों का उल्लेख किया है। इदं पाश्विक या जैविक इच्छाओं का, अहं वास्तविक जगत का तथा परा-अहम सामाजिक नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करती है। इस प्रकार इदं एवं परा-अहं में बार-बार संघर्ष होता है जिसमें अहं संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को वास्तविकता से परिचित कराता है। अत: एक संतुलित व्यक्तित्व वह है जिससे इदं एवं परा-अहं के बीच संतुलन स्थापित किया जाता है।
A. फ्रायड ने व्यक्तित्व की संरचना में Fob (Id) अहं (Ego) तथा परा-अहं (Super Ego) नामक तीन घटकों का उल्लेख किया है। इदं पाश्विक या जैविक इच्छाओं का, अहं वास्तविक जगत का तथा परा-अहम सामाजिक नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करती है। इस प्रकार इदं एवं परा-अहं में बार-बार संघर्ष होता है जिसमें अहं संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को वास्तविकता से परिचित कराता है। अत: एक संतुलित व्यक्तित्व वह है जिससे इदं एवं परा-अहं के बीच संतुलन स्थापित किया जाता है।

Explanations:

फ्रायड ने व्यक्तित्व की संरचना में Fob (Id) अहं (Ego) तथा परा-अहं (Super Ego) नामक तीन घटकों का उल्लेख किया है। इदं पाश्विक या जैविक इच्छाओं का, अहं वास्तविक जगत का तथा परा-अहम सामाजिक नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करती है। इस प्रकार इदं एवं परा-अहं में बार-बार संघर्ष होता है जिसमें अहं संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को वास्तविकता से परिचित कराता है। अत: एक संतुलित व्यक्तित्व वह है जिससे इदं एवं परा-अहं के बीच संतुलन स्थापित किया जाता है।