Correct Answer:
Option B - एक तने हुए धनुष में जब तक धनुष की डोरी तनी होती है, तब तक धनुष की उसकी विशेष स्थिति के कारण उसमें स्थितिज ऊर्जा संचित रहती है। लेकिन जैसे ही धनुष की डोरी को छोड़ा जाता है उससे तीर को ऊर्जा प्राप्त होती है एवं वह तीव्रगति से आगे बढ़ती है। इस प्रकार धनुष की स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में परिर्वितत हो जाती है।
B. एक तने हुए धनुष में जब तक धनुष की डोरी तनी होती है, तब तक धनुष की उसकी विशेष स्थिति के कारण उसमें स्थितिज ऊर्जा संचित रहती है। लेकिन जैसे ही धनुष की डोरी को छोड़ा जाता है उससे तीर को ऊर्जा प्राप्त होती है एवं वह तीव्रगति से आगे बढ़ती है। इस प्रकार धनुष की स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में परिर्वितत हो जाती है।