Correct Answer:
Option C - इस्लाम धर्म में पवित्र रमजान के पूरे महीने रोजे अर्थात् उपवास रखने के बाद वर्धमान चांद (नया चांद) दिखने पर ‘ईद-उल-फितर’ का त्यौहार मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेण्डर के अनुसार यह नौवां महीना होता है। ध्यातव्य है कि ईद-उल-जुहा (बकरीद) को इस्लाम धर्म में पैगम्बर हजरत इब्राहिम द्वारा बलिदान के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष मुसलमानों द्वारा 10वें इस्लामी महीने जिलहज पर मनाया जाता है।
C. इस्लाम धर्म में पवित्र रमजान के पूरे महीने रोजे अर्थात् उपवास रखने के बाद वर्धमान चांद (नया चांद) दिखने पर ‘ईद-उल-फितर’ का त्यौहार मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेण्डर के अनुसार यह नौवां महीना होता है। ध्यातव्य है कि ईद-उल-जुहा (बकरीद) को इस्लाम धर्म में पैगम्बर हजरत इब्राहिम द्वारा बलिदान के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष मुसलमानों द्वारा 10वें इस्लामी महीने जिलहज पर मनाया जाता है।