Correct Answer:
Option C - प्रकाष्ठ का शुष्क गलन (dry rot) कवक के कारण होता हैं। यह एक सुक्ष्म जीवाणु है, जो प्रकाष्ठ के रेशों पर चलते है। यह रोग सीलन के कारण होता है। कवक प्रकाष्ठ कोे खाकर पाउडर के रूप में बदल देता है जहाँ पर मुक्त वायु का संचार नही होता वहाँ पर भीr प्रकाष्ठ मेेंं शुष्क गलन होने लगता है।
C. प्रकाष्ठ का शुष्क गलन (dry rot) कवक के कारण होता हैं। यह एक सुक्ष्म जीवाणु है, जो प्रकाष्ठ के रेशों पर चलते है। यह रोग सीलन के कारण होता है। कवक प्रकाष्ठ कोे खाकर पाउडर के रूप में बदल देता है जहाँ पर मुक्त वायु का संचार नही होता वहाँ पर भीr प्रकाष्ठ मेेंं शुष्क गलन होने लगता है।