Correct Answer:
Option D - जब प्लास्टर किसी दीवार की दोनों फलकों पर किया जाता है, तो खाली स्थानों (दरवाजे, खिड़की, रोशनदान के क्षेत्रफल) को घटाने की प्रक्रिया निम्न है–
(i) 0.50 वर्ग मीटर खण्ड क्षेत्रफल तक के धरनों, कडि़यों, स्तम्भों के सिरों (Ends) को प्लास्टर कार्य से घटाया नहीं जायेगा।
(ii) दीवार में 0.50 वर्ग मीटर तक की खोखल (Opening) के लिए कोई कटौती नहीं की जायेगी, और इसके जेम्ब (Jambs), अध:स्तल (Soffits) व सिल पर किये गये प्लास्टर को गणना में नहीं लिया जाता है।
(iii) 0.50 वर्ग मीटर से अधिक परन्तु 3.0 वर्ग मीटर तक की खोखल के लिये दीवार की एक फलक का प्लास्टर घटाया जाता है, जबकि दूसरी फलक पर किया गया प्लास्टर, खोखल के जेम्ब व अध:स्तल पर किये गये प्लास्टर में समायोजित माना जाता है।
D. जब प्लास्टर किसी दीवार की दोनों फलकों पर किया जाता है, तो खाली स्थानों (दरवाजे, खिड़की, रोशनदान के क्षेत्रफल) को घटाने की प्रक्रिया निम्न है–
(i) 0.50 वर्ग मीटर खण्ड क्षेत्रफल तक के धरनों, कडि़यों, स्तम्भों के सिरों (Ends) को प्लास्टर कार्य से घटाया नहीं जायेगा।
(ii) दीवार में 0.50 वर्ग मीटर तक की खोखल (Opening) के लिए कोई कटौती नहीं की जायेगी, और इसके जेम्ब (Jambs), अध:स्तल (Soffits) व सिल पर किये गये प्लास्टर को गणना में नहीं लिया जाता है।
(iii) 0.50 वर्ग मीटर से अधिक परन्तु 3.0 वर्ग मीटर तक की खोखल के लिये दीवार की एक फलक का प्लास्टर घटाया जाता है, जबकि दूसरी फलक पर किया गया प्लास्टर, खोखल के जेम्ब व अध:स्तल पर किये गये प्लास्टर में समायोजित माना जाता है।