Explanations:
सहकारी समिति अधिनियम, 1912 की धारा 17(2)के अनुसार सहकारी लेखा-परीक्षक को यदि कोई अतिदेय ऋण हो तो उसकी जांच करनी होती है और आंतरिक लेखा परीक्षा आयोजित करते समय सोसाइटी की संपत्तियों एवं देनदारियों का मूल्यांकन करने के लिए भी सहकारी लेखा परीक्षक को ही नियुक्त किया जाता है।