Correct Answer:
Option C - आदिम निर्वाह कृषि भूमि के छोटे टुकड़ों पर कुदाल, डाव और खोदने वाली छड़ी और परिवार/सामुदायिक श्रम की मदद से की जाती है। इस प्रकार की खेती मानसून, मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता ओर उगाई जाने वाली फसलों के लिए अन्य पर्यारणीय परिस्थितियों की उपयुक्तता पर निर्भर करती है।
C. आदिम निर्वाह कृषि भूमि के छोटे टुकड़ों पर कुदाल, डाव और खोदने वाली छड़ी और परिवार/सामुदायिक श्रम की मदद से की जाती है। इस प्रकार की खेती मानसून, मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता ओर उगाई जाने वाली फसलों के लिए अन्य पर्यारणीय परिस्थितियों की उपयुक्तता पर निर्भर करती है।