Correct Answer:
Option D - पाठ्यचर्या को ज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक पक्षों में बांटकर निर्धारण करना चाहिए। छात्रों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर मनोवैज्ञानिक स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। समाज, संस्कृति, सभ्यता, राष्ट्रीयता एवं अन्तर्राष्ट्रीयता की भावना को ध्यान में रखकर पाठ्यचर्या के निर्माण की प्रक्रिया की जानी चाहिए। पाठ्यचर्या का सिद्धांत पारिवारिक जीवन पर आधारित नहीं है।
D. पाठ्यचर्या को ज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक पक्षों में बांटकर निर्धारण करना चाहिए। छात्रों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर मनोवैज्ञानिक स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। समाज, संस्कृति, सभ्यता, राष्ट्रीयता एवं अन्तर्राष्ट्रीयता की भावना को ध्यान में रखकर पाठ्यचर्या के निर्माण की प्रक्रिया की जानी चाहिए। पाठ्यचर्या का सिद्धांत पारिवारिक जीवन पर आधारित नहीं है।