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Q: Chhandogya Upanishad is associated with which branch of Veda? छान्दोग्य उपनिषद् का सम्बन्ध किस वेद शाखा से है?
  • A. Rig-Veda/ऋग्वेद
  • B. Yajurveda/यजुर्वेद
  • C. Sam Veda/सामवेद
  • D. Athrva Veda/अथर्ववेद
Correct Answer: Option C - वैदिक साहित्य के अन्तिम भाग उपनिषद् हैं जिन्हें वेदान्त भी कहा जाता है। छांदोग्य उपनिषद, सामवेद से संबंधित उपनिषद है। सामवेद से संबंधित अन्य उपनिषद् केन तथा जैमनीय है। उपनिषद गद्य एवं पद्य दोनों में लिखे गए हैं ईश, कठ, मुण्डक तथा श्वेताश्वर उपनिषद पद्य में है, जबकि माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, छान्दोग्य, वृहदारण्यक और कौषितकी उपनिषद्- प्रधानतया गद्य में है। श्वेताश्वर उपनिषद् का शाब्दिक अर्थ ‘सफेद घोड़ा’ है। इस उपनिषद के प्रवक्ता श्वेताश्वर ऋषि हैं।
C. वैदिक साहित्य के अन्तिम भाग उपनिषद् हैं जिन्हें वेदान्त भी कहा जाता है। छांदोग्य उपनिषद, सामवेद से संबंधित उपनिषद है। सामवेद से संबंधित अन्य उपनिषद् केन तथा जैमनीय है। उपनिषद गद्य एवं पद्य दोनों में लिखे गए हैं ईश, कठ, मुण्डक तथा श्वेताश्वर उपनिषद पद्य में है, जबकि माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, छान्दोग्य, वृहदारण्यक और कौषितकी उपनिषद्- प्रधानतया गद्य में है। श्वेताश्वर उपनिषद् का शाब्दिक अर्थ ‘सफेद घोड़ा’ है। इस उपनिषद के प्रवक्ता श्वेताश्वर ऋषि हैं।

Explanations:

वैदिक साहित्य के अन्तिम भाग उपनिषद् हैं जिन्हें वेदान्त भी कहा जाता है। छांदोग्य उपनिषद, सामवेद से संबंधित उपनिषद है। सामवेद से संबंधित अन्य उपनिषद् केन तथा जैमनीय है। उपनिषद गद्य एवं पद्य दोनों में लिखे गए हैं ईश, कठ, मुण्डक तथा श्वेताश्वर उपनिषद पद्य में है, जबकि माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, छान्दोग्य, वृहदारण्यक और कौषितकी उपनिषद्- प्रधानतया गद्य में है। श्वेताश्वर उपनिषद् का शाब्दिक अर्थ ‘सफेद घोड़ा’ है। इस उपनिषद के प्रवक्ता श्वेताश्वर ऋषि हैं।