Correct Answer:
Option D - ‘छिन्ना:’ इति पदे प्रयुक्तं कृदन्तप्रत्ययं क्त अस्ति।
छिन्ना: पद में प्रयुक्त कृदन्त प्रत्यय क्त् है।
भूतकाल के कृत् प्रत्यय मुख्यत: दो है- क्त (त), क्तवतु (तवत्)
इन प्रत्ययों को ‘निष्ठा’ भी कहते हैं। निष्ठा का अर्थ है ‘समाप्ति’।
क्त और क्तवतु प्रत्ययान्त शब्दों के रूप तीनों लिंगों और सातों विभक्तियों में विशेष्य के अनुसार चलते हैं।
छिद् (धातु) + क्त (प्रत्यय) = छिन्न
D. ‘छिन्ना:’ इति पदे प्रयुक्तं कृदन्तप्रत्ययं क्त अस्ति।
छिन्ना: पद में प्रयुक्त कृदन्त प्रत्यय क्त् है।
भूतकाल के कृत् प्रत्यय मुख्यत: दो है- क्त (त), क्तवतु (तवत्)
इन प्रत्ययों को ‘निष्ठा’ भी कहते हैं। निष्ठा का अर्थ है ‘समाप्ति’।
क्त और क्तवतु प्रत्ययान्त शब्दों के रूप तीनों लिंगों और सातों विभक्तियों में विशेष्य के अनुसार चलते हैं।
छिद् (धातु) + क्त (प्रत्यय) = छिन्न