Correct Answer:
Option D - अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रस्तावित भूक्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुओं में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है जिसका अंकन उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई मापकर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन भी कहते हैं। सुआकरीय त्रिभुज (well shaped triangle) में कोई भी कोण 30º से कम तथा 120º से अधिक नहीं होता है।
D. अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रस्तावित भूक्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुओं में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है जिसका अंकन उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई मापकर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन भी कहते हैं। सुआकरीय त्रिभुज (well shaped triangle) में कोई भी कोण 30º से कम तथा 120º से अधिक नहीं होता है।