Correct Answer:
Option A - तारक काय एक गोलाकार रचना है जो केन्द्रक की बाहरी सतह पर लगभग मध्य में स्थित रहती है। यह मुख्य रूप से जन्तु कोशिकाओं में तथा कुछ पादप कोशिकाओं जैसे शैवाल तथा कवक में पाया जाता है। यह प्राय: दो स्पिन्डिल के आकार के कणों का बना होता है जिन्हें सेण्ट्रिओल कहते हैं। सेण्ट्रिओल के चारों तरफ एक स्वच्छ कोशाद्रव्य का घेरा होता है जिसे सेन्ट्रोस्फीयर कहते हैं। सेन्ट्रियोल का महत्वपूर्ण कार्य कोशा विभाजन के समय स्पिन्डिल के निर्माण में मदद करना है।
कोशा विभाजन के समय सेण्ट्रिओल दो भागों में बँटकर दो विपरीत ध्रुवो की ओर चले जाते हैं।
A. तारक काय एक गोलाकार रचना है जो केन्द्रक की बाहरी सतह पर लगभग मध्य में स्थित रहती है। यह मुख्य रूप से जन्तु कोशिकाओं में तथा कुछ पादप कोशिकाओं जैसे शैवाल तथा कवक में पाया जाता है। यह प्राय: दो स्पिन्डिल के आकार के कणों का बना होता है जिन्हें सेण्ट्रिओल कहते हैं। सेण्ट्रिओल के चारों तरफ एक स्वच्छ कोशाद्रव्य का घेरा होता है जिसे सेन्ट्रोस्फीयर कहते हैं। सेन्ट्रियोल का महत्वपूर्ण कार्य कोशा विभाजन के समय स्पिन्डिल के निर्माण में मदद करना है।
कोशा विभाजन के समय सेण्ट्रिओल दो भागों में बँटकर दो विपरीत ध्रुवो की ओर चले जाते हैं।