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Q: ‘चंद्रमुख’ में कौन-सा समास है?
  • A. द्विगु
  • B. अव्ययीभाव
  • C. कर्मधारय
  • D. तत्पुरुष
Correct Answer: Option C - ‘चंद्रमुख’ कर्मधारय समास का उदाहरण है। इसका समास विग्रह है- चन्द्र के समान मुख। ध्यातव्य हो कि जब पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। कर्मधारय समास का उत्तरपद प्रधान होता है। ‘चन्द्रमुख’ में ‘चंद्र’ उपमान तथा ‘मुख’ उपमेय शब्द है।
C. ‘चंद्रमुख’ कर्मधारय समास का उदाहरण है। इसका समास विग्रह है- चन्द्र के समान मुख। ध्यातव्य हो कि जब पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। कर्मधारय समास का उत्तरपद प्रधान होता है। ‘चन्द्रमुख’ में ‘चंद्र’ उपमान तथा ‘मुख’ उपमेय शब्द है।

Explanations:

‘चंद्रमुख’ कर्मधारय समास का उदाहरण है। इसका समास विग्रह है- चन्द्र के समान मुख। ध्यातव्य हो कि जब पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। कर्मधारय समास का उत्तरपद प्रधान होता है। ‘चन्द्रमुख’ में ‘चंद्र’ उपमान तथा ‘मुख’ उपमेय शब्द है।