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Q: `चित्रलेखा' किसकी औपन्यासिक कृति है –
  • A. भगवती चरण वर्मा
  • B. भगवती प्रसाद बाजपेयी
  • C. उदयशंकर भट्ट
  • D. विष्णु प्रभाकर
Correct Answer: Option A - चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सामर्थ्य और सीमा, सबिंह नचावत राम गोसांई, तीन वर्ष, सीधी सच्ची बातें तथा आखिरी दाँव भगवतीचरण वर्मा के उपन्यास हैं। सागर की लहरें और मनुष्य, डॉ. शेफाली, शेष-अशेष, लोक-परलोक, नए मोड़, एक नीड़ दो पंछी, दो अध्याय उदयशंकर भट्ट के तथा अर्द्धनारीश्वर, तट के बंधन, निशीकान्त विष्णु प्रभाकर के उपन्यास हैं।
A. चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सामर्थ्य और सीमा, सबिंह नचावत राम गोसांई, तीन वर्ष, सीधी सच्ची बातें तथा आखिरी दाँव भगवतीचरण वर्मा के उपन्यास हैं। सागर की लहरें और मनुष्य, डॉ. शेफाली, शेष-अशेष, लोक-परलोक, नए मोड़, एक नीड़ दो पंछी, दो अध्याय उदयशंकर भट्ट के तथा अर्द्धनारीश्वर, तट के बंधन, निशीकान्त विष्णु प्रभाकर के उपन्यास हैं।

Explanations:

चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सामर्थ्य और सीमा, सबिंह नचावत राम गोसांई, तीन वर्ष, सीधी सच्ची बातें तथा आखिरी दाँव भगवतीचरण वर्मा के उपन्यास हैं। सागर की लहरें और मनुष्य, डॉ. शेफाली, शेष-अशेष, लोक-परलोक, नए मोड़, एक नीड़ दो पंछी, दो अध्याय उदयशंकर भट्ट के तथा अर्द्धनारीश्वर, तट के बंधन, निशीकान्त विष्णु प्रभाकर के उपन्यास हैं।