Correct Answer:
Option A - चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सामर्थ्य और सीमा, सबिंह नचावत राम गोसांई, तीन वर्ष, सीधी सच्ची बातें तथा आखिरी दाँव भगवतीचरण वर्मा के उपन्यास हैं। सागर की लहरें और मनुष्य, डॉ. शेफाली, शेष-अशेष, लोक-परलोक, नए मोड़, एक नीड़ दो पंछी, दो अध्याय उदयशंकर भट्ट के तथा अर्द्धनारीश्वर, तट के बंधन, निशीकान्त विष्णु प्रभाकर के उपन्यास हैं।
A. चित्रलेखा, भूले-बिसरे चित्र, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, सामर्थ्य और सीमा, सबिंह नचावत राम गोसांई, तीन वर्ष, सीधी सच्ची बातें तथा आखिरी दाँव भगवतीचरण वर्मा के उपन्यास हैं। सागर की लहरें और मनुष्य, डॉ. शेफाली, शेष-अशेष, लोक-परलोक, नए मोड़, एक नीड़ दो पंछी, दो अध्याय उदयशंकर भट्ट के तथा अर्द्धनारीश्वर, तट के बंधन, निशीकान्त विष्णु प्रभाकर के उपन्यास हैं।