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Q: ‘चौराहा’ शब्द में समास है–
  • A. कर्मधारय
  • B. द्वंद्व
  • C. द्विगु
  • D. अव्ययीभाव
Correct Answer: Option C - ‘चौराहा’ में द्विगु समास है। द्विगु समास में पूर्वपद संख्यावाची विशेषण होता है तथा समूह या समाहार का द्योतक होता है। इसके अन्य उदाहरण है- अठन्नी, दोपहर, नवरत्न, नवरात्र, चतुर्मास, पंचवटी आदि। जब पूर्वपद एवं उत्तरपद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय- उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। इसके उदाहरण हैं- नीलगाय, पीताम्बर, मृगनयनी, कोमलांगी आदि।
C. ‘चौराहा’ में द्विगु समास है। द्विगु समास में पूर्वपद संख्यावाची विशेषण होता है तथा समूह या समाहार का द्योतक होता है। इसके अन्य उदाहरण है- अठन्नी, दोपहर, नवरत्न, नवरात्र, चतुर्मास, पंचवटी आदि। जब पूर्वपद एवं उत्तरपद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय- उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। इसके उदाहरण हैं- नीलगाय, पीताम्बर, मृगनयनी, कोमलांगी आदि।

Explanations:

‘चौराहा’ में द्विगु समास है। द्विगु समास में पूर्वपद संख्यावाची विशेषण होता है तथा समूह या समाहार का द्योतक होता है। इसके अन्य उदाहरण है- अठन्नी, दोपहर, नवरत्न, नवरात्र, चतुर्मास, पंचवटी आदि। जब पूर्वपद एवं उत्तरपद के मध्य ‘विशेषण-विशेष्य’ या ‘उपमेय- उपमान’ का सम्बन्ध हो तो कर्मधारय समास होता है। इसके उदाहरण हैं- नीलगाय, पीताम्बर, मृगनयनी, कोमलांगी आदि।