Correct Answer:
Option C - चौरभयम्– चोराद् + भयम्। यह पद पञ्चमी तत्पुरुष समास का वाचक है।
समास विग्रह के बाद समास होने से जिस विभक्ति का लोप होगा उसी विभक्ति के नाम पर उस समास का नाम होगा। चोराद् पञ्चमी विभक्ति का शब्द है लेकिन समास करते समय पञ्चमी का लोप हुआ है इसीलिए यहाँ पञ्चमी तत्पुरुष समास है।
तृतीया तत्पुरुष – बाणाहत: (बाणेन आहत:)
चतुर्थी तत्पुरुष – भूतबलि: (भूतेभ्य: बलि:)
द्वितीया तत्पुरुष – कृष्णाश्रित: (कृष्णम् आश्रित:)
C. चौरभयम्– चोराद् + भयम्। यह पद पञ्चमी तत्पुरुष समास का वाचक है।
समास विग्रह के बाद समास होने से जिस विभक्ति का लोप होगा उसी विभक्ति के नाम पर उस समास का नाम होगा। चोराद् पञ्चमी विभक्ति का शब्द है लेकिन समास करते समय पञ्चमी का लोप हुआ है इसीलिए यहाँ पञ्चमी तत्पुरुष समास है।
तृतीया तत्पुरुष – बाणाहत: (बाणेन आहत:)
चतुर्थी तत्पुरुष – भूतबलि: (भूतेभ्य: बलि:)
द्वितीया तत्पुरुष – कृष्णाश्रित: (कृष्णम् आश्रित:)