Correct Answer:
Option E - ‘चारु चन्द्र की चंचल किरणें खेल रहीं हैं जल-थल में’ इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है। जहाँ किसी पंक्ति के शब्दों में एक ही वर्ण एक से अधिक बार आता है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। जैसे -चारु चन्द्र की चंचल किरणें। यहाँ ‘च’ वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है।
अन्योक्ति - जब अप्रस्तुत के वर्णन द्वारा प्रस्तुत का बोध कराया जाता है तो उसे अन्योक्ति अलंकार कहते हैं। जैसे-
नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास इहि काल।
अली कली ही सों बिध्यों, आगे कौन हवाल।।
E. ‘चारु चन्द्र की चंचल किरणें खेल रहीं हैं जल-थल में’ इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है। जहाँ किसी पंक्ति के शब्दों में एक ही वर्ण एक से अधिक बार आता है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। जैसे -चारु चन्द्र की चंचल किरणें। यहाँ ‘च’ वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है।
अन्योक्ति - जब अप्रस्तुत के वर्णन द्वारा प्रस्तुत का बोध कराया जाता है तो उसे अन्योक्ति अलंकार कहते हैं। जैसे-
नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास इहि काल।
अली कली ही सों बिध्यों, आगे कौन हवाल।।