Correct Answer:
Option D - गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में 1917 में एक सत्याग्रह हुआ था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। यह गांधी जी का प्रथम आंदोलन था। चंपारण आंदोलन मुख्य रूप से किसानों की दुर्दशा को दूर करने के लिए किया गया था। महात्मा गांधी किसानों की समस्या दूर करने 10 अप्रैल 1917 को राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर चंपारण पहुँचे थे। चंपारन में गांधी जी के साथ राजेन्द्र प्रसाद, ब्रजकिशोर, महादेव देसाई, नरहरि पारिख और जे. वी. कृपलानी थे। चंपारन आंदोलन में गांधीजी के नेतृत्व में किसानों की एकजुटता को देखते हुए सरकार ने जुलाई 1917 में एक आयोग बनाया। आयोग की सलाह पर सरकार ने ‘तिनकठिया पद्धति’ को समाप्त घोषित करते हुए किसानों से अवैध से वसूले गये धन का 25% भाग वापस कर दिया गया।
D. गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में 1917 में एक सत्याग्रह हुआ था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। यह गांधी जी का प्रथम आंदोलन था। चंपारण आंदोलन मुख्य रूप से किसानों की दुर्दशा को दूर करने के लिए किया गया था। महात्मा गांधी किसानों की समस्या दूर करने 10 अप्रैल 1917 को राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर चंपारण पहुँचे थे। चंपारन में गांधी जी के साथ राजेन्द्र प्रसाद, ब्रजकिशोर, महादेव देसाई, नरहरि पारिख और जे. वी. कृपलानी थे। चंपारन आंदोलन में गांधीजी के नेतृत्व में किसानों की एकजुटता को देखते हुए सरकार ने जुलाई 1917 में एक आयोग बनाया। आयोग की सलाह पर सरकार ने ‘तिनकठिया पद्धति’ को समाप्त घोषित करते हुए किसानों से अवैध से वसूले गये धन का 25% भाग वापस कर दिया गया।