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Q: ‘चेहरे अनेक’ किसकी आत्मकथा है?
  • A. नेमिचन्द जैन
  • B. धर्मवीर भारती
  • C. इलाचन्द्र जोशी
  • D. उपेन्द्रनाथ अश्क
Correct Answer: Option D - ‘चेहरे अनेक’ उपेंद्रनाथ अश्क की आत्मकथा है। इसका पहला भाग नीलाभ प्रकाशन से वर्ष 1977 ई. में प्रकाशित हुआ था। देवताओं की छाया में (1940 ई.), चरवाहे (1942 ई. एकांकी) तथा सितारों का खेल (1937 ई. पहला उपन्यास), जय-पराजय (1937 ई., नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।
D. ‘चेहरे अनेक’ उपेंद्रनाथ अश्क की आत्मकथा है। इसका पहला भाग नीलाभ प्रकाशन से वर्ष 1977 ई. में प्रकाशित हुआ था। देवताओं की छाया में (1940 ई.), चरवाहे (1942 ई. एकांकी) तथा सितारों का खेल (1937 ई. पहला उपन्यास), जय-पराजय (1937 ई., नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।

Explanations:

‘चेहरे अनेक’ उपेंद्रनाथ अश्क की आत्मकथा है। इसका पहला भाग नीलाभ प्रकाशन से वर्ष 1977 ई. में प्रकाशित हुआ था। देवताओं की छाया में (1940 ई.), चरवाहे (1942 ई. एकांकी) तथा सितारों का खेल (1937 ई. पहला उपन्यास), जय-पराजय (1937 ई., नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।