Correct Answer:
Option D - HIV (Human Immuno deficiency Virus) एक प्रकार का रेट्रो वायरस होता है, जिसका सही ढंग से इलाज न करने पर यह AIDS (Acquired Immuno Deficiency Syndrome) का रूप धारण कर लेता है जो HIV संक्रमण का अंतिम चरण (गंभीर) है। यह वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट कर देता है। इसका प्रसार असुरक्षित यौन संबंधों असुरक्षित रक्त आधान, नशीली दवाओं का प्रयोग, माँ का दूध, वीर्य आदि के माध्यम से होता है। यह हाथ मिलाने, साथ सोने, आलिंगन आदि से नहीं फैलता। इसका पता लगाने के लिए एलिसा परीक्षण किया जाता है।
D. HIV (Human Immuno deficiency Virus) एक प्रकार का रेट्रो वायरस होता है, जिसका सही ढंग से इलाज न करने पर यह AIDS (Acquired Immuno Deficiency Syndrome) का रूप धारण कर लेता है जो HIV संक्रमण का अंतिम चरण (गंभीर) है। यह वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट कर देता है। इसका प्रसार असुरक्षित यौन संबंधों असुरक्षित रक्त आधान, नशीली दवाओं का प्रयोग, माँ का दूध, वीर्य आदि के माध्यम से होता है। यह हाथ मिलाने, साथ सोने, आलिंगन आदि से नहीं फैलता। इसका पता लगाने के लिए एलिसा परीक्षण किया जाता है।