Correct Answer:
Option A - अंत:निस्यंदन, वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन जैसी हानियों को घटाकर उत्पन्न जल की कुल मात्रा को अत्यधिक वर्षा कहते हैं। यह अत्यधिक वर्षा अपवाह में योगदान करती हैं।
अत्यधिक वर्षा = वर्षा - प्रारम्भिक बेसिन हानि - अंत:निस्यंदन
A. अंत:निस्यंदन, वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन जैसी हानियों को घटाकर उत्पन्न जल की कुल मात्रा को अत्यधिक वर्षा कहते हैं। यह अत्यधिक वर्षा अपवाह में योगदान करती हैं।
अत्यधिक वर्षा = वर्षा - प्रारम्भिक बेसिन हानि - अंत:निस्यंदन