Correct Answer:
Option D - बाणभट्टस्य पितुर्नां चित्रभानु: आसीत्।
अर्थात् बाणभट्ट के पिता का नाम चित्रभानु था। वंशवृक्ष-वत्स (वात्स्यायन वंश)-कुबेर-पाशुपत-अर्थपति (इनके 11 पुत्र हुए)- चित्रभानु→ बाणभट्ट→ भूषणभट्ट (पुलिन्दभट्ट/पुलिनभट्ट)।
अत: प्रश्नानुसार विकल्प (d) सही है। वात्स्यायन इनके वंश में अर्थपति पितामह और कुबेर प्र्रपितामह थे। इनकी माता राजदेवी और बहन मालती, चित्रसेन और मित्रसेन दो भाई थे। ये भर्वु या भर्त्यु के शिष्य थे, इनकी पाँच रचनाएँ- कादम्बरी (कथा), (2) हर्षचरितम् (आख्यायिका), (3) चण्डीशतकम् (मुक्तक), (4) मुकुटताडितक (नाटक), (5) पार्वतीपरिणय (नाटक) हैं।
D. बाणभट्टस्य पितुर्नां चित्रभानु: आसीत्।
अर्थात् बाणभट्ट के पिता का नाम चित्रभानु था। वंशवृक्ष-वत्स (वात्स्यायन वंश)-कुबेर-पाशुपत-अर्थपति (इनके 11 पुत्र हुए)- चित्रभानु→ बाणभट्ट→ भूषणभट्ट (पुलिन्दभट्ट/पुलिनभट्ट)।
अत: प्रश्नानुसार विकल्प (d) सही है। वात्स्यायन इनके वंश में अर्थपति पितामह और कुबेर प्र्रपितामह थे। इनकी माता राजदेवी और बहन मालती, चित्रसेन और मित्रसेन दो भाई थे। ये भर्वु या भर्त्यु के शिष्य थे, इनकी पाँच रचनाएँ- कादम्बरी (कथा), (2) हर्षचरितम् (आख्यायिका), (3) चण्डीशतकम् (मुक्तक), (4) मुकुटताडितक (नाटक), (5) पार्वतीपरिणय (नाटक) हैं।