Correct Answer:
Option B - राजकोषीय घाटा वह समग्र घाटा है जो सरकार की समग्र वित्तीय आय (समग्र प्राप्तियाँ नहीं, क्योंकि समग्र प्राप्तियों में सार्वजनिक ऋण को भी सम्मिलित किया जाता है जो आय नहीं है। सरकार पर आय को वापस करने का दायित्व नहीं रहता जबकि सरकार को ऋण वापस करना पड़ता है।) सम्बन्धी व्यवहारों तथा समग्र व्यय सम्बन्धी क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पन्न होता है।
समग्र आय के ऊपर समग्र व्यय का आधिक्य ही राजकोषीय घाटा होता है।
राजकोषीय घाटाृ बजटीय घाटा + सरकार की निवल उधारियां आर्थिक सर्वे 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.4% रहा है।
B. राजकोषीय घाटा वह समग्र घाटा है जो सरकार की समग्र वित्तीय आय (समग्र प्राप्तियाँ नहीं, क्योंकि समग्र प्राप्तियों में सार्वजनिक ऋण को भी सम्मिलित किया जाता है जो आय नहीं है। सरकार पर आय को वापस करने का दायित्व नहीं रहता जबकि सरकार को ऋण वापस करना पड़ता है।) सम्बन्धी व्यवहारों तथा समग्र व्यय सम्बन्धी क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पन्न होता है।
समग्र आय के ऊपर समग्र व्यय का आधिक्य ही राजकोषीय घाटा होता है।
राजकोषीय घाटाृ बजटीय घाटा + सरकार की निवल उधारियां आर्थिक सर्वे 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.4% रहा है।