Correct Answer:
Option D - 1991 की नयी आर्थिक नीति जिसे एल.पी.जी. नीति कहा गया, इसके अन्तर्गत उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया गया। जिसके सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होने लगे है जो निम्नलिखित है –
(1) उदार व्यवस्था एवं नियमों से विदेशी निवेश में बढ़ोत्तरी
(2) निवेश के बढ़ने एवं निजी उद्यमियों के लिए उत्साहपूर्ण वातावरण ने आर्थिक उन्नति का मार्ग खोल दिया है।
(3) नई आर्थिक व्यवस्था के कारण असमानता भी तेजी से बढ़ी है, गरीबों व अमीरों के आय में अंतर बढ़ गया है।
(4) नई आर्थिक नीति के परिणामस्वरूप सामाजिक परिवर्तन की गति तेज हुई है। बढ़ता शहरीकरण, खुले समाज का निर्माण, संयुक्त परिवार का कमजोर होना, महिला सशक्तिकरण आदि प्रमुख सामाजिक परिवर्तन दृष्टिगत होते है। अत: सभी विकल्प सही हैं।
D. 1991 की नयी आर्थिक नीति जिसे एल.पी.जी. नीति कहा गया, इसके अन्तर्गत उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया गया। जिसके सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होने लगे है जो निम्नलिखित है –
(1) उदार व्यवस्था एवं नियमों से विदेशी निवेश में बढ़ोत्तरी
(2) निवेश के बढ़ने एवं निजी उद्यमियों के लिए उत्साहपूर्ण वातावरण ने आर्थिक उन्नति का मार्ग खोल दिया है।
(3) नई आर्थिक व्यवस्था के कारण असमानता भी तेजी से बढ़ी है, गरीबों व अमीरों के आय में अंतर बढ़ गया है।
(4) नई आर्थिक नीति के परिणामस्वरूप सामाजिक परिवर्तन की गति तेज हुई है। बढ़ता शहरीकरण, खुले समाज का निर्माण, संयुक्त परिवार का कमजोर होना, महिला सशक्तिकरण आदि प्रमुख सामाजिक परिवर्तन दृष्टिगत होते है। अत: सभी विकल्प सही हैं।